Bhaag Milkha Bhaag (2013) एक प्रेरणादायक और भावनात्मक यात्रा है, जहाँ एक साधारण लड़का हालात की मार से टूटने के बजाय उनसे लड़ना सीखता है। बचपन में बँटवारे का दर्द, परिवार का बिछड़ना और ज़िंदगी की बेरुख़ी उसके भीतर एक आग भर देती है, जो उसे भागने के लिए मजबूर नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की ताक़त देती है। दौड़ उसके लिए सिर्फ़ खेल नहीं रहती, बल्कि डर, ग़ुस्से और यादों से निकलने का रास्ता बन जाती है। जैसे-जैसे वह तेज़ भागता है, वैसे-वैसे उसका अतीत पीछा करता है, और हर जीत के साथ उसे यह समझ आता है कि असली मुकाबला दूसरों से नहीं, खुद की कमजोरियों से है। अंत में Milkha Singh सिर्फ़ एक एथलीट नहीं, बल्कि हौसले, आत्मसम्मान और कभी न हार मानने की मिसाल बनकर उभरता है। समझे अभिषेक?

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