The School for Good and Evil दो बचपन की सहेलियों, सोफी और अगाथा, की कहानी है, जिन्हें अचानक एक जादुई दुनिया में ले जाया जाता है जहाँ परियों की कहानियों के नायक और खलनायक बनने की शिक्षा दी जाती है। सोफी खुद को “अच्छी” मानती है और उम्मीद करती है कि उसे अच्छाई के स्कूल में जगह मिलेगी, जबकि अगाथा को लगता है कि वह बुराई के लिए बनी है, लेकिन किस्मत दोनों को उलटी जगहों पर पहुँचा देती है। इसी उलझन के बीच कहानी यह सवाल उठाती है कि अच्छाई और बुराई सिर्फ रूप-रंग या सोच से तय नहीं होती, बल्कि इंसान के चुनाव और भावनाएँ ही उसे परिभाषित करती हैं। जैसे-जैसे दोनों दोस्त इस जादुई व्यवस्था को समझती हैं, उनकी दोस्ती, ईर्ष्या और सच्चाई की परीक्षा होती है, और फिल्म दिखाती है कि सच्चा अच्छापन दूसरों को बदलने में नहीं, बल्कि खुद को समझने और स्वीकार करने में छिपा होता है।

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